12वीं पंचवर्षीय योजना

भारत की 12वीं पंचवर्षीय योजना (इसका काल 2012 से 2017 तक होगा) का विशेष जोर स्वास्थ्य, शिक्षा, ग्रामीण अवसंरचना, सिंचाई …

Posted on Aug 21, 2017 08:36 IST in Banking & Financial Awareness.

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भारत की 12वीं पंचवर्षीय योजना (इसका काल 2012 से 2017 तक होगा) का विशेष जोर स्वास्थ्य, शिक्षा, ग्रामीण अवसंरचना, सिंचाई और जल संसाधनों पर होगा और इसमें 9.0 से 9.5 फीसदी महत्वाकांक्षी आर्थिक वृद्धि दर का लक्ष्य रखा जाएगा। योजना आयोग इस संबंध में एक दृष्टिपत्र तैयार कर रहा है, जिसका मुख्य स्लोगन समावेशी विकास होगा। इस योजना में शत-प्रतिशत प्रौढ़ साक्षरता के लक्ष्य के साथ स्वास्थ्य पर खर्च को, सकल घरेलू उत्पाद के 1.3 फीसदी से बढ़ाकर कम से कम 2.0 फीसदी से 2.5 फीसदी करने का प्रस्ताव है। इस संबंध में प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह का कहना है कि 12वीं पंचवर्षीय योजना का उद्देश्य अधिक तीव्रगामी, समावेशी और सतत विकास होना चाहिए।

इस योजना का एक अन्य महत्वाकांक्षी लक्ष्य देश के विनिर्माण क्षेत्र का विकास करके देश में रोजगार का अधिक से अधिक सृजन करना है जिससे कि देश की वैल्यू चेन ज्यादा से ज्यादा ऊपर जा सके।

 

12वीं पंचवर्षीय योजना:


मुख्य बिंदु

- 12वींपंचवर्षीय योजना के दौरान देश में 9.0-9.5 फीसदी आर्थिक वृद्धि दर का लक्ष्य रखा जाएगा।

- 11वीं पंचवर्षीय योजना के दौरान 9.0 फीसदी आर्थिक वृद्धि दर का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, लेकिन वास्तविक वृद्धि दर 8.2 फीसदी रहने का अनुमान लगाया गया है।

- 100 फीसदी साक्षरता दर हासिल करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य।

- 12वींयोजना मुख्य रूप से स्वास्थ्य, शिक्षा, जल संसाधन, ग्रामीण अवसंरचना पर अधिक ध्यान देगी।

- स्वास्थ्य के लिए कुल सकल घरेलू उत्पाद का 2.0-2.5 फीसदी तक खर्च किया जाएगा, जबकि पिछली योजना में मात्र 1.3 फीसदी ही इस मद पर खर्च किया गया था।

- प्रत्यक्ष विदेशी निवेश नीति को और भी अधिक उदार बनाया जाएगा जिससे मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर को और भी बढ़ावा दिया जा सके।

- योजना के दौरान सरकारी योजनाओं पर विशेष रूप से ध्यान दिया जाएगा।

- अगले 5 वर्र्षों के दौरान मुद्रास्फीति की दर को 5-5.5 फीसदी के बीच रखने का प्रयास किया जाएगा।

- भूमिगत जल के लिए नई नीति का विकास किया जाएगा। राज्यस्तरीय जल नियामक प्राधिकरणों का गठन किया जाएगा।

- कृषि क्षेत्र में 4 फीसदी की वृद्धि दर का लक्ष्य। जबकि इसकी तुलना में 11वीं योजना के दौरान वृद्धि दर मात्र 3 फीसदी ही थी।

- योजना आयोग के अध्यक्ष अभिजीत सेन के अनुसार वर्ष 2009-10 में गरीबी की अनुमानित दर 32 फीसदी। विस्तृत अध्ययन के बाद इस अनुमान को योजना पैनल द्वारा समर्थित किया जाएगा।

 




12th Five Year Plan 2012-17 Targets

12th Five Year Plan 2012-17 as per the draft document released by the Planning Commission aims at a growth rate of 8%. This is the revised rate when compared to the initial approach paper. Other targets of the Twelfth Five Year Plan in different sectors are listed below.

Vision of 12th Five Year Plan (2012-17)


Twelfth Five Year Plan focuses on Growth – Growth which is

  • Faster

  • Inclusive

  • Sustainable



25 Core Monitorable Targets of the 12th Five Year Plan (2012-17)


Economic Growth


  • Real GDP growth at 8%.

  • Agriculture growth at 4%.

  • Manufacturing growth at 10%.

  • Every state must attain higher growth rate than the rate achieved during 11th plan.


Poverty and Employment


  • Poverty rate to be reduced by 10% than the rate at the end of 11th plan.

  • 5 Crore new work opportunities and skill certifications in non-farm sector.


Education


  • Mean years of schooling to increase to 7 years.

  • 20 lakh seats for each age bracket in higher education.

  • End gender gap and social gap in school enrollment.


Health


  • Reduce : IMR to 25; MMR to 1. Increase Child Sex Ratio to 950.

  • Reduce Total Fertility Rate to 2.1

  • Reduce under nutrition of children in age group 0-3 to half of NFHS-3 levels.


Infrastructure


  • Investment in Infrastructure at 9% of GDP

  • Gross Irrigated Area 103 million hectare (from 90 million hectare)

  • Electricity to all villages; Reduce AT&C losses by 20%.

  • Connect Villages with All Weather Roads

  • National and State high ways to a minimum of 2 lane standard.

  • Complete Eastern and Western Dedicated Freight Corridors.

  • Rural Tele-Density to 70%.

  • 40 Litres Per Capita Per Day Drinking Water to 50% of rural population; Nirmal Gram Status to 50% of all Gram Panchayats.


Environment and Sustainability

  • Increase green cover by 1 million hectare every year.

  • 30,000 MW renewable energy during Five Year Period.

  • Emission intensity of GDP to be reduced to 20-25% of 2005 levels by 2020.


Service Delivery


  • Banking Services to 90% of Indian Households.

  • Subsidies and Welfare related payment to be routed through Aadhar based Direct Cash Transfer Scheme.

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