7 सितम्बर 2018 करेण्ट अफेयर्स

धारा 377 | ऐतिहासिक आदेश | समलैंगिक संबंध | भारत-अमेरिका समझौता | प्रधानमंत्री जन धन योजना | तेलंगाना विधानसभा | IL&FS |

Posted on Sep 07, 2018 04:05 IST in Current Affairs.

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1) सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) के मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा की अगुवाई वाली न्यायालय की संवैधानिक पीठ ने 6 सितम्बर 2018 को दिए अपने एक ऐतिहासिक आदेश में दो वयस्कों के बीच सहमति से बनाए गए समलैंगिक संबंधों को अपराध मानने वाली धारा 377 (Section 377) से बाहर कर दिया। किस वर्ष सर्वोच्च न्यायालय की एक पीठ ने इसके उलट दिल्ली उच्च न्यायालय के एक ऐसे ही आदेश को उलटते हुए ऐसे सम्बन्धों को आपराधिक श्रेणी का माना था? - वर्ष 2013 में

विस्तार: 6 सितम्बर 2018 को दिए अपने ऐतिहासिक आदेश में मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा की अगुवाई वाली सर्वोच्च न्यायालय की संवैधानिक पीठ ने माना की समलैंगिकता कोई अपराध नहीं है तथा ऐसे लोगों के प्रति अब तक की हमारी सोच गलत थी और इसे बदलना होगा। पीठ ने कहा कि समान लिंग वाले लोगों के बीच रिश्ता बनाना अब अपराध नहीं माना जायेगा तथा इसे धारा 377 से बाहर किया जा रहा है। इस पीठ में शामिल अन्य 4 न्यायाधीश है - न्यायमूर्ति रोहिंटन नरीमन, ए.एम. खानविल्कर, डी.वाई. चंद्रचूड़ और जस्टिस इंदु मल्होत्रा

- उल्लेखनीय है कि दिल्ली उच्च न्यायालय की एक पीठ ने वर्ष 2009 में समलैंगिक यौनाचार को अपराध की श्रेणी से बाहर करने का आदेश दिया था लेकिन बाद में सर्वोच्च न्यायालय की दो-सदस्यीय पीठ ने सुरेश कुमार कौशल बनाम नाज़ फाउण्डेशन मामले में दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश को पलट दिया था।

- लेकिन 6 सितम्बर 2018 को अपने आदेश में सर्वोच्च न्यायालय की पीठ ने एलजीबीटीक्यू (LGBTQ) समुदाय को देश के अन्य नागरिकों की भांति मौलिक अधिकार प्रदान करने की वकालत की। वहीं इस पीठ ने यह भी माना कि धारा 377 को समाप्त नहीं किया जा रहा है क्योंकि ऐसा किए जाने से अनाचार और अप्राकृतिक यौनाचार वाले मामले बढ़ सकते हैं।

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2) भारत और अमेरिका ने 6 सितंबर 2018 को कौन सा ऐतिहासिक समझौता किया जिसके चलते दोनों देशों के बीच प्रतिरक्षा तथा सामरिक सहयोग के एक नए युग का सूत्रपात हुआ है? - Communications Compatibility and Security Agreement (COMCASA)

विस्तार: भारत और अमेरिका के बीच 6 सितम्बर 2018 को परस्पर सहयोग में एक नए युग का सूत्रपात हुआ जब दोनों देशों ने इस दिन नामक Communications Compatibility and Security Agreement (COMCASA) समझौते को हस्ताक्षरित किया।

- यह समझौता दोनों देशों के बीच नई दिल्ली में शुरू हुई 2 + 2 वार्ता के पहले संस्करण में किया गया। इस वार्ता में अमेरिका की तरफ से वहाँ के विदेश मंत्री माइकल आर. पॉम्पेयो (Michael R. Pompeo) और रक्षा मंत्री जेम्स एन. मैटिस (James N. Mattis) और भारत की तरफ से विदेश मंत्री सुषमा स्वराज (Sushma Swaraj) और रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने भाग लिया।

- उल्लेखनीय है कि COMCASA अमेरिका द्वारा उसके सहयोगी देशों के साथ प्रतिरक्षा सहयोग हेतु किए जाने वाले चार मूलभूत प्रकार के समझौतों में से एक है। इस समझौते से भारत अपने प्रतिरक्षा प्लेट्फॉर्म्स के लिए अमेरिकी सेना द्वारा प्रयुक्त इन्क्रिप्टेड दूरसंचार प्रणालियाँ (encrypted communication systems) जैसे C-17, C-130 और P-8Is की आपूर्ति हासिल कर सकेगा।

- इसके अलावा भारत और अमेरिका वर्ष 2019 में भारत के पूर्वी तट पर तीनों सेनाओं के अपने तरह के पहले सैन्य युद्धाभ्यास (tri-service exercise) में भी हिस्सा लेंगे।

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3) केन्द्रीय कैबिनेट ने प्रधानमंत्री जन धन योजना (Pradhan Mantri Jan Dhan Yojana - PMJDY) से सम्बन्धित कौन सा महत्वपूर्ण फैसला 5 सितम्बर 2018 को लिया? - इस योजना को खुली योजना (open-ended scheme) बनाने का निर्णय 

विस्तार: प्रधानमंत्री जन धन योजना (PMJDY) को एक खुली योजना (open-ended scheme) बनाने, इसके तहत अधिक बीमा कवर प्रदान करने तथा योजना के लाभार्थियों को प्रदत्त ओवरड्राफ्ट सुविधा की राशि को दोगुना करने का महत्वपूर्ण फैसला केन्द्रीय कैबिनेट ने 5 सितम्बर 2018 को लिया। खुली योजना बनाने के निर्णय से इस योजना को 28 अगस्त 2018 के आगे चालू रखना संभव हो गया है।

- प्रधानमंत्री जन धन योजना, जिसे राष्ट्रीय वित्तीय समावेशन मिशन (National Mission on Financial Inclusion - NMFI) के अन्य नाम से भी जाना जाता है, के तहत देश भर में 32.41 करोड़ खाते खुले हैं।

- इस योजना को खुली योजना को स्वरूप देने के अलावा केन्द्रीय कैबिनेट ने इस योजना के तहत प्रदत्त ओवरड्राफ्ट सुविधा (overdraft facility) को वर्तमान 5,000 रुपए से बढ़ाकर 10,000 करने का अहम फैसला भी लिया। वहीं रु. 2,000 तक के ओवरड्राफ्ट को बिना शर्त के प्रदान करने का फैसला लिया गया है। इसके अलावा इस योजना के तहत रुपे कार्ड (RuPay Card) प्राप्त करने वाले खाताधारकों को प्रदत्त दुर्घटना बीमा (accident insurance cover) राशि को भी बढ़ाकर 2 लाख रुपए कर दिया गया है।

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4) एक आश्चर्यजनक फैसले में मुख्यमंत्री के. चन्द्रशेखर राव (K. Chandrasekhara Rao) के नेतृत्व वाली तेलंगाना (Telangana) सरकार ने 6 सितम्बर 2018 को तेलंगाना राज्य की विधानसभा को अपने नियत समय से पूर्व भंग करने की सिफारिश कर दी। राज्य विधानसभा का कार्यकाल नियमानुसार कब समाप्त हो रहा था? - जून 2019

विस्तार: तेलंगाना सरकार ने एक अप्रत्याशित फैसले में 6 सितम्बर 2018 को राज्य की विधानसभा को भंग करने का फैसला के प्रस्ताव को पारित किया। विधानसभा भंग होने में अभी लगभग 8 माह का समय शेष था इसलिए राज्य सरकार के इस फैसले को आश्चर्यजनक माना जा रहा है।

- मुख्यमंत्री के. चन्द्रशेखर राव (K. Chandrasekhara Rao) ने राज्य कैबिनेट के इस फैसले की प्रति राज्यपाल ई.एस.एल. नरसिम्हन (E.S.L. Narasimhan) को सौंप दी। राज्यपाल ने उनको तथा उनके मंत्रिमण्डल को उचित व्यवस्था होने तक अपना काम-काज संभाले रहने को कहा।

- उल्लेखनीय है कि के. चन्द्रशेखर राव के नेतृत्व वाली सरकार ने 2 जून 2018 को तेलंगाना नामक नव-सृजित राज्य की कमान संभाली थी तथा राज्य भी इसी दिन अस्तित्व में आया था। इससे पूर्व अविभाजित आन्ध्र प्रदेश (undivided Andhra Pradesh) में उसी वर्ष अप्रैल-मई के दौरान विधानसभा चुनाव आयोजित किए गए थे।

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5) 6 सितम्बर 2018 को प्रकाशित मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार किस वित्तीय संस्था ने अपने ऋण की अदायगी में डिफॉल्ट (defaulted on a loan repayment) किया है जोकि भारत में किसी बड़ी वित्तीय संस्था द्वारा ऋण की वापसी में असफल रहने की अपनी तरह की पहली घटना है? - आईएल एण्ड एफएस (IL&FS)

विस्तार: काफी समय से तरलता सम्बन्धी समस्याएं झेल रही वित्तीय संस्था इन्फ्रास्ट्रक्चर लीज़िंग एण्ड फाइनेंशियल सर्विसेज़ (IL&FS) ने भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (Small Industries Development Bank of India - SIDBI) से लिए गए एक ऋण की अदायगी में डिफॉल्ट कर दिया है। यह खबर 6 सितम्बर 2018 को मीडिया के एक वर्ग में प्रकशित हुई। रिपोर्ट्स के अनुसार यह 10 अरब रुपए (Rs. 10 billion) का लघु कालिक ऋण (short-term loan) था।

- यह घटना इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह भारत में किसी बड़ी वित्तीय संस्था द्वारा ऋण की अदायगी न करने का अपना तरह का पहला मामला है। IL&FS मुम्बई में मुख्यालय वाली एक अग्रणी वित्तीय कम्पनी है जो मूलभूत संरचना विकास तथा तथा अन्य विकासात्मक परियोजनाओं के लिए ऋण प्रदान करती है। इसकी परियोजनाओं में भारत की सबसे लम्बी सुरंग परियोजना जम्मू एवं कश्मीर राज्य में स्थित चेनानी-नशरी सुरंग परियोजना (Chenani-Nashri Tunnel) भी शामिल है जिसे 2 अप्रैल 2017 को यातायात के लिए खोला गया था।

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