31 जुलाई 2018 करेण्ट अफेयर्स

राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर | असम | मिशन सत्यनिष्ठा | भारतीय रेल | टूर डि फ्रां 2018 | एचएसबीसी इण्डिया | सुरेन्द्र रोशा

Posted on Jul 31, 2018 02:54 IST in Current Affairs.

User Image
2158 Followers
658 Views

1) असम (Assam) राज्य के बहुप्रतीक्षित राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) के दूसरे एवं अंतिम ड्राफ्ट को 30 जुलाई 2018 को जारी किया गया। असमिया (Assamese) होने की पहचान का प्राय माने जाने वाले इस ऐतिहासिक दस्तावेज में आवेदन करने वाले लगभग 40 लाख लोगों के नाम नहीं हैं। इस दस्तावेज में नाम शामिल होने के लिए तय कट-ऑफ तिथि क्या है? - 25 मार्च 1971

विस्तार: सर्वोच्च न्यायालय की देख-रेख में तैयार किए जा रहे असम राज्य (Assam) के राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (National Register of Citizens – NRC) में उन सभी भारतीयों का नाम शामिल किए जाने का प्रावधान किया गया है जो असम में 25 मार्च 1971 से पहले तक रहते आए थे। इस तिथि का चयन इसलिए किया गया क्योंकि इसके एक दिन बाद, यानि 26 मार्च 1971, को ही बांग्लादेश (Bangladesh) अस्तित्व में आया था। एक विधिक क्रिया के तहत तैयार किए जा रहे इस दस्तावेज का कार्य अब तक भारत में अप्रत्याशित है।

- इस असाधारण दस्तावेज के दूसरे एवं अंतिम ड्राफ्ट को 30 जुलाई 2018 को जारी किया गया। इसमें लगभग 40 लाख आवेदनकर्ताओं के नाम नहीं हैं तथा ऐसे लोगों की असम की नागरिकता छिनने का खतरा पैदा हो गया है। राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर का पहला ड्राफ्ट 31 दिसम्बर 2017 और 1 जनवरी 2018 के बीच की मध्यरात्रि में प्रकाशित किया गया था। इस रजिस्टर में आवेदन करने की प्रक्रिया मई 2015 में शुरू की गई थी तथा इसमें असम राज्य में रह रहे 68.27 लाख परिवारों से आवेदन हासिल हुए थे।

- आवेदन करने वाले कुल 3,29,91,384 लोगों में से 2,89,83,667 को असम की नागरिकता के लिए इस रजिस्टर में अर्ह माना गया है। इसका अर्थ हुआ कि कुल 4,0,07,717 लोगों को असम की नागरिकता से वंछित किया गया है। अब ऐसे लोगों को 30 अगस्त से 28 सितम्बर 2018 के बीच अपना दावा पेश करने तथा प्रत्यावेदन करने का मौका दिया जायेगा।

...................................................................

2) भारत के किसी सरकारी विभाग में शुरू किए गए अपने तरह के पहले मिशन के तहत भारतीय रेल (Indian Railways) ने 27 जुलाई 2018 को कर्मचारियों में नैतिकता के बीज बोने के लिए एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया। इस अनूठे अभियान का नाम क्या रखा गया है? - "मिशन सत्यनिष्ठा" (“Mission Satyanishtha”)

विस्तार: "मिशन सत्यनिष्ठा" (“Mission Satyanishtha”) उस अनूठे अभियान को दिया गया नाम है जिसे भारतीय रेल (Indian Railways) ने 27 जुलाई 2018 को लाँच किया तथा जो भारत के किसी सरकारी विभाग द्वारा शुरू किया गया अपना तरह का पहला अभियान है। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विभाग के कर्मचारियों द्वारा सार्वजनिक जिम्मेदारी निभाते समय उच्च स्तर की निष्ठा तथा नैतिकता प्रदर्शित करना है।

- मिशन का उद्देश्य भारतीय रेल के सभी कर्मचारियों को नागरिकों की समस्याओं के प्रति संवेदनशील बनाना तथा काम में उच्च स्तर की नैतिकता का प्रदर्शन करना है। इस मिशन को केन्द्रीय रेल मंत्री पियूष गोयल (Piyush Goyal) ने नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय रेल संग्रहालय में लाँच किया।

...................................................................

3) 29 जुलाई 2018 को वर्ष 2018 की टूर डि फ्रांस (Tour-de-France) साइक्लिंग रेस जीतकर कौन इस विश्व-प्रसिद्ध साइक्लिंग प्रतियोगिता को जीतने वाला पहला वेल्स (Wales) का खिलाड़ी बन गया? - गेरेण्ट थॉमस (Geraint Thomas)

विस्तार: वेल्स (Wales) के गेरेण्ट थॉमस (Geraint Thomas) ने 29 जुलाई 2018 को टूर डि फ्रांस (Tour-de-France) साइक्लिंग रेस का खिताब जीत लिया। इस जीत के साथ वे इस प्रतिष्ठित रेस को जीतने वाले पहले वेल्स निवासी बन गए। यह इस रेस का 105वाँ संस्करण था। वे इस खिताब को जीतने वाले कुल तीसरे ब्रिटिश (third British) भी हैं। वेल्स ब्रिटेन का ही हिस्सा है लेकिन एक देश के रूप में अलग पहचान रखता है।

- गेरेण्ट थॉमस टीम स्काई (Team Sky) के साथ जुड़े हैं तथा उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वन्दी नीदरलैण्ड्स (Netherlands) के टॉम डुमोलिन (Tom Dumoulin) को एक मिनट 51 सेकेण्ड से हराया। वहीं इस रेस को चार बार जीतने वाले ब्रिटेन के क्रिस फ्रूम (Chris Froome) इस बार तीसरे स्थान पर रहे।

- 3,351 किलोमीटर की यह रेस 7 जुलाई 2018 को फ्रांस के उत्तर-पश्चिम स्थित द्वीप Noirmoutier-en-l'Île से शुरू हुई थी जबकि 29 जुलाई 2018 को यह रेस पेरिस (Paris) के प्रसिद्ध स्थल Champs-Élysées के पास समाप्त हुई।

...................................................................

4) 30 जुलाई 2018 को एचएसबीसी इण्डिया (HSBC India) के नए मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के रूप में किसकी नियुक्ति की गई? - सुरेन्द्र रोशा (Surendra Rosha)

विस्तार: भारतीय प्रबन्धन संस्थान (IIM) से प्रबन्धन की शिक्षा हासिल करने वाले सुरेन्द्र रोशा (Surendra Rosha) को हांगकांग एण्ड शंघाई बैंकिंग कॉरपोरेशन (Hongkong and Shanghai Banking Corporation - HSBC) ने एचएसबीसी इण्डिया (HSBC India) का नया मुख्य कार्यकारी (Chief Executive Officer – CEO) नियुक्त करने की घोषणा 30 जुलाई 2018 को की।

- सुरेन्द्र रोशा अभी तक यह पद संभाल रहे जयंत रिख्ये (Jayant Rikhye) का स्थान लेंगे, जिन्होंने स्वास्थ्य कारणों से फिलहाल अवकाश किया हुआ है। रोशा अभी तक एचएसबीसी के एशिया-प्रशांत (Asia-Pacific) क्षेत्र में वित्तीय संस्थाओं के समूह (Financial Institutions Group - FIG) के प्रमुख  (Chief) की जिम्मेदारी निभा रहे थे। उन्होंने वर्ष 1991 में वित्तीय सेवा क्षेत्र में अपने करियर की शुरूआत एचएसबीसी के भारत परिचालन (HSBC India) को ज्वाइन कर की थी।

...................................................................

| Current Affairs | Current Affairs 2018 | IAS | SBI | IBPS | Banking | Bank PO | Banking  Awareness | Daily Current Affairs | Hindi Current Affairs | Hindi GK| करेण्ट अफेयर्स | सामयिकी, समसामायिकी | 2018 समसामायिकी | 2018 करेण्ट अफेयर्स | जुलाई 2018 | राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर | असम | मिशन सत्यनिष्ठा | भारतीय रेल  | टूर डि फ्रां 2018 | एचएसबीसी इण्डिया | सुरेन्द्र रोशा | 

Read more