6-11 जुलाई 2018 करेण्ट अफेयर्स

इंस्टीट्यूशन्स ऑफ एमीनेंस | 6 संस्थान | गेमिंग विश्वविद्यालय | सबसे बड़ा मोबाइल संयंत्र | नोएडा | गोल्डन मैन बुकर |

Posted on Jul 11, 2018 13:08 IST in Current Affairs.

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1) केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय (HRD Ministry) ने 10 जुलाई 2018 को सार्वजनिक क्षेत्र के तीन और निजी क्षेत्र के तीन उच्च शिक्षण संस्थानों को "इंस्टीट्यूशन्स ऑफ एमीनेंस" (“Institutions of Eminence”) का दर्जा प्रदान करने की घोषणा की जिससे इन संस्थानों को पूर्ण स्वायत्तता तथा "विश्व स्तर के विश्वविद्यालय" बनने हेतु विशेष सहायता मिलेगी। यह विशिष्ट दर्जा प्राप्त करने वाले ये 6 संस्थान कौन से हैं? - आईआईटी दिल्लीआईआईटी बंबईभारतीय विज्ञान संस्थान बेंगलूरु (तीनों सार्वजनिक क्षेत्र से), मनिपाल एकेडमी ऑफ हायर एजूकेशनबिड़ला इंस्टीट्यूट ऑफ टैक्नोलॉजी एण्ड साइंस और रिलायंस फाउण्डेशन का जियो इंस्टीट्यूट (तीनों निजी क्षेत्र से)

विस्तार: केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने 10 जुलाई 2018 को आईआईटी दिल्ली (IIT Delhi), आईटी बंबई (IIT Bombay), बेंगलूरू स्थित भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc Bengaluru), कर्नाटक के मणिपाल में स्थित मनिपाल एकेडमी ऑफ हायर एजूकेशन (Manipal Academy of Higher Education- MAHE), राजस्थान के पिलाणी (Pilani) में स्थित बिड़ला इंस्टीट्यूट ऑफ टैक्नोलॉजी एण्ड साइंस (BITS) और रिलायंस फाउण्डेशन के मुम्बई स्थित जियो इंस्टीट्यूट (Jio Institute) को "इंस्टीट्यूशन्स ऑफ एमीनेंस" का दर्जा प्रदान करने की घोषणा की। इनमें से और जहाँ सार्वजनिक क्षेत्र के संस्थान वहीं और जियो इंस्टीट्यूट निजी क्षेत्र के संस्थान हैं।

- केन्द्र सरकार द्वारा यह दर्जा प्रदान करने से इन 6 संस्थानों को पूर्ण स्वायतता और सरकार की "विश्व स्तर के विश्वविद्यालय" (“World Class Universities”) बनने की महात्वाकांक्षी योजना के तहत विशेष लाभ हासिल हो सकेंगे। केन्द्र सरकार इस सूची में शामिल तीन सार्वजनिक क्षेत्र के संस्थानों के लिए अगले 5 वर्षों में 10 अरब रुपए (Rs. 10 billion) का अनुदान जारी करेगी जबकि तीन निजी संस्थानों को सरकारी अनुदान हासिल नहीं होगा।

- उल्लेखनीय है कि "इंस्टीट्यूशन्स ऑफ एमीनेंस" का दर्जा हासिल करने से इन संस्थानों को नए पाठ्यक्रम शुरू करने में अधिक स्वायत्तता, विदेशी छात्रों को दाखिला देने की छूट, विदेश से फैकल्टी सदस्य प्राप्त करने की अनुमति, तथा बिना किसी सरकारी अनुमति के विदेशी शिक्षण संस्थानों से सहयोग स्थापित करने की सुविधा मिल सकेगी।

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2) भारत के किस शहर में एक "गेमिंग विश्वविद्यालय" स्थापित करने के लिए यूनेस्को (UNESCO) ने जुलाई 2018 के दौरान एक समझौता किया? - विशाखापट्टनम (Visakhapatnam)

विस्तार: आन्ध्र प्रदेश (Andhra Pradesh) के प्रमुख शहर विशाखापट्टनम (Visakhapatnam) में अंतर्राष्ट्रीय गेमिंग एण्ड डिज़िटल लर्निंग हब - 'International Gaming and Digital Learning Hub' (डिज़ाइन यूनीवर्सिटी ऑफ गेमिंग - 'Design University for Gaming') स्थापित करने के लिए संयुक्त राष्ट्र शैक्षणिक, वैज्ञानिक एवं सांस्कृतिक संगठन (यूनेस्को - UNESCO) ने आन्ध्र प्रदेश आर्थिक विकास बोर्ड (Andhra Pradesh Economic Development Board - APEDB) के साथ एक समझौता 4 जुलाई 2018 को हस्ताक्षरित किया।

- इस संस्थान को स्थापित करने के लिए यूनेस्को के प्रतिनिधिमण्डल ने आन्ध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चन्द्रबाबू नायडू से विशाखापट्टनम शहर में 100 एकड़ भूमि आवंटित करने का आग्रह किया है।

- इस सम्बन्ध में UNESCO का दृष्टिकोण है कि भविष्य में गेमिंग प्रौद्यौगिकी आय का एक प्रमुख जरिया बनकर उभरेगा तथा दुनिया की कुछ दिग्गज आईटी कम्पनियाँ जैसे यूबीसॉफ्ट, सैमसंग और माइक्रोसॉफ्ट हैदराबाद में अपने गेमिंग केन्द्र बनाने की इच्छुक हैं।

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3) दुनिया की अब तक की सबसे बड़ा मोबाइल फोन उत्पादन संयंत्र का उद्घाटन 9 जुलाई 2018 को भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति मून जे-इन ने संयुक्त रूप से किया। सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स क. लिमिटेड का यह संयंत्र भारत के किस स्थान पर स्थापित किया गया है? – नोएडा (Noida)

विस्तार: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Narendra Modi) और दक्षिण कोरिया (South Korea) के राष्ट्रपति मून जे-इन (Moon Jae-in) ने 9 जुलाई 2018 को उत्तर प्रदेश के नोएडा (Noida) के सेक्टर-81 में सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स क. लिमिटेड (Samsung Electronics Co. Ltd) के नए मोबाइल फोन उत्पादन संयंत्र का उद्घाटन संयुक्त रूप से किया। 35 एकड़ क्षेत्र में फैला यह संयंत्र अभी तक दुनिया का सबसे बड़ा मोबाइल फोन उत्पादन संयंत्र है।

- इस संयंत्र के निर्माण में लगभग 5,000 करोड़ रुपए का खर्च आया है तथा यहाँ प्रतिवर्ष 12 करोड़ मोबाइल फोन का उत्पादन किया जा सकेगा। इसमें सस्ते फीचर-फोन से लेकर सैमसंग के सबसे महंगे फोन ब्राण्ड गैलेक्सी एस9 (Samsung S9) समेत सभी प्रकार के फोन्स का उत्पादन होगा। इसके अलावा सैमसंग के अन्य इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों का उत्पादन भी यहाँ हो सकेगा। यह संयंत्र लगभग 15,000 लोगों को रोजगार देगा।

- उल्लेखनीय है कि एप्पल तथा तमाम चीनी कम्पनियों जैसे शाओमी, ऑप्पो, वीवो, वनप्लस, आदि से मिल रही कड़ी प्रतिस्पर्धा को देखते हुए सैमसंग ने भारत को यूरोप, मध्य-पूर्व एशिया और अफ्रीकी देशों के लिए निर्यात हब के रूप में विकसित करने का फैसला लिया है।

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4) किस पुस्तक को गोल्डन मैन बुकर (Golden Man Booker) नामक विशेष पुरस्कार के लिए चयनित किया गया, जिसकी घोषणा मैन बुकर के 50वें समारोह के अवसर पर लंदन के रॉयल फेस्टिवल हॉल में हुए एक कार्यक्रम के दौरान 8 जुलाई 2018 को की गई? - " इंग्लिश पेशेंट" (The English Patient)

विस्तार: कनाडा के दिग्गज अंग्रेजी लेखक माइकल ओनडाज़े (Michael Ondaatje) को उनकी रचित पुस्तक "द इंग्लिश पेशेंट" (“The English Patient”) के लिए गोल्डन मैन बुकर (Golden Man Booker) नामक विशेष पुरस्कार 8 जुलाई 2018 को प्रदान किया गया। यह विशेष मैन बुकर पुरस्कार के 50 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में गठित किया गया था तथा इसमें पिछले 50 वर्षों में मैन बुकर पुरस्कार से सम्मानित सभी कृतियों में से इसे चुना गया।

- इसके लिए पिछले 50 वर्षों में पुरस्कृत पुस्तकों के बीच एक सार्वजनिक मत तथा एक समिति के विशेषज्ञों की राय ली गई। इसमें माइकल ओनडाज़े की पुस्तक "द इंग्लिश पेशेंट" सर्वोच्च स्थान पर रही।

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5) जापान के ऑम शिनरिक्यो (Aum Shinrikyo) नामक चरमपंथी संप्रदाय के प्रमुख तथा इसके सात सदस्यों को 6 जुलाई 2018 को मौत की सजा प्रदान की गई। 1995 में राजधानी टोक्यो (Tokyo) के अण्डरग्राउण्ड ट्रेन स्टेशन में घातक सारिन (Sarin) रसायन छोड़ कर कई लोगों को मारने के आरोपी इस संप्रदाय के इस खतरनाक प्रमुख का क्या नाम था? - शोको असाहारा (Shoko Asahara)

विस्तार: शोको असाहारा (असली नाम चिज़ुओ मात्सुमोतो) ऑम शिनरिक्यो नामक आध्यात्मिक संप्रदाय के संस्थापक थे। इस संप्रदाय की स्थापना प्रारंभ में हिन्दू और बौद्ध मान्यताओं के मिश्रण के रूप में किया गया था लेकिन बाद में इसका जुड़ाव सर्वनाश से जुड़ी भविष्यवाणी से हो गया। इस संप्रदाय ने यह प्रचारित करना शुरू किया कि समूची दुनिया खत्म हो जायेगी तथा सिर्फ उनके सम्प्रदाय से जुड़े लोग बचेंगे।

- 20 मार्च 1995 को ऑम शिनरिक्यो संप्रदाय के सदस्यों ने टोक्यो के एक सब-वे में सारिन नामक ज़हरीली गैस से हमला किया था। उन्होंने लिक्विड नर्व एजेंट से भरे बैगों में छेद करके उन्हें ट्रेन लाइन पर छोड़ दिया था।

- इस हमले में 13 लोग मारे गए जबकि हजारों लोग घायल हुए। इस हमले में इस सम्प्रदाय के सदस्यों पर आरोप सिद्ध हुआ था जबकि इसके प्रमुख शोको असाहारा को मुख्य षड़यंत्र कर्ता माना गया था। इसी अपराध में शोको असाहारा तथा सम्प्रदाय के सात सदस्यों को 6 जुलाई 2018 को टोक्यो के एक कारावास में फाँसी की सजा दी गई। उल्लेखनीय है कि जापान में फाँसी की सजा की पूर्व सूचना नहीं दी जाती है।

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