9-11 जून 2018 करेण्ट अफेयर्स

2018 फ्रेंच ओपन | राफेल नडाल | सिमोना हालेप | बायेर – मॉनसेण्टो | सुनिल मेहता बैंकिंग समिति | राष्ट्रीय आपदा जोखिम सू

Posted on Jun 11, 2018 00:05 IST in Current Affairs.

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1) स्पेन (Spain) के दिग्गज टेनिस खिलाड़ी राफेल नडाल (Rafael Nadal) ने 14 वर्षों में अपना 11वाँ फ्रेंच ओपन खिताब (French Open title) किस खिलाड़ी को 10 जून 2018 को फाइनल में हराकर जीत लिया? - डॉमिनिक थाइम (Dominic Thiem)

विस्तार: राफेल नडाल वर्ष 2018 के फ्रेंच ओपन पुरुष एकल फाइनल में 10 जून 2018 को ऑस्ट्रिया (Austria) के डॉमिनिक थाइम (Dominic Thiem) को तीन सेटों में आसानी से 6-4, 6-3, 6-2 से हराकर अपने करियर का एक और फ्रेंच ओपन खिताब जीत लिया। यह पिछले 14 वर्षो में उनके करियर का 11वाँ फ्रेंच ओपन खिताब है।

- इस खिताबी जीत के साथ वे किसी एक ग्रैण्ड स्लैम सबसे अधिक बार जीतने के मामले में मार्ग्रेट कोर्ट (Margaret Court) के साथ बराबरी पर आ गए हैं। वहीं यह उनके करियर का 17वाँ ग्रैण्ड स्लैम खिताब था और अब 23 खिताब जीतने वाले रोजर फेडरर (Roger Federer) के और करीब आ गए हैं।

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2) 9 जून 2018 को वर्ष 2018 के फ्रेंच ओपन (French Open) का महिला एकल खिताब (Women’s singles title) जीतकर जिसने अपने जीवन का पहला टेनिस ग्राण्ड स्लैम महिला एकल खिताब जीत लिया? - सिमोना हालेप (Simona Halep)

विस्तार: विश्व की न. एक महिला टेनिस खिलाड़ी रोमानिया (Romania) की सिमोना हालेप (Simona Halep) ने अंतत: अपने जीवन के पहला टेनिस ग्राण्ड स्लैम महिला एकल खिताब को जीतने में सफलता हासिल की जब उन्होंने 9 जून 2018 को वर्ष 2018 के फ्रेंच ओपन (French Open) के महिला एकल फाइनल में 10वीं वरीयता प्राप्त अमेरिका (US) की स्लोन स्टीफेंस (Sloane Stephens) को तीन सेटों में पराजित कर दिया।

- 26-वर्षीया हालेप ने पहला सेट हारने के बाद एक बेहद दिलचस्प मुकाबले में यूएस ओपन खिताब जीतने वाली स्टीफेंस को 3-6, 6-4 तथा 6-1 से पराजित किया।

- उल्लेखनीय है कि हालेप फ्रेंच ओपन के फाइनल में दो बार हार चुकी हैं - 2014 में मारिया शारापोवा (Maria Sharapova) से तथा 2017 में जेलेना ओस्टापेंको (Jelena Ostapenko) से। इसके अलावा वे इस वर्ष के ऑस्ट्रेलियन ओपन (Australian Open) में कैरोलीन वोज़नियाकी (Caroline Wozniacki) से हारी थीं।

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3) दिग्गज जर्मन कम्पनी बायेर (Bayer AG) द्वारा 63 अरब डॉलर ($63 billion) की कीमत पर अधिग्रहण (merger) की प्रक्रिया 7 जून 2018 को पूरी हो जाने के बाद किस 117 वर्ष पुरानी अमेरिकी कृषि उत्पाद कम्पनी का ब्राण्ड नाम समाप्त किए जाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है? - मॉनसेण्टो (Monsanto)

विस्तार: जर्मन समूह बायेर (Bayer) ने 7 जून 2018 को अमेरिका की प्रमुख बीज उत्पादक कम्पनी मॉनसेण्टो (Monsanto) के 63 अरब डॉलर कीमत में किए गए अधिग्रहण की प्रक्रिया को पूरा कर लिया क्योंकि इस भारी-भरकम अधिग्रहण को अमेरिकी तथा यूरोपीय संघ के तमाम नियामकों ने अपनी स्वीकृति प्रदान कर दी। इस अधिग्रहण के पूरे हो जाने के बाद बायेर ने घोषणा की कि कम्पनी का नाम बायेर ही रहेगा तथा वह मॉनसेण्टो नाम के ब्राण्ड का इस्तेमाल करना बंद कर देगी। मॉनसेण्टो के विभिन्न उत्पादों के ब्राण्ड नामों को कायम रखा जायेगा लेकिन मॉनसेण्टो कम्पनी का नाम समाप्त हो जायेगा।

- हालांकि भारत में इन दोनों कम्पनियों की इकाइयाँ - बायेर क्रॉपसाइंस लिमिटेड (Bayer CropScience Ltd.) और मॉनसेण्टो इण्डिया लिमिटेड (Monsanto India Ltd.) फिलहाल अलग-अलग कम्पनियों के तौर पर काम करती रहेंगी।

- 1901 में अमेरिका के मिसूरी (Missouri) में स्थापित मॉनसेण्टो दुनिया में जेनेटिक तरीके से परिष्कृत बीजों (genetically modified seeds) की सबसे बड़ी उत्पादक कम्पनी रही है हालांकि कृषि क्षेत्र में प्रौद्यौगिकी का जरूरत से अधिक इस्तेमाल करने के आरोप में पर्यावरणविदों के निशाने पर यह कम्पनी रही है। इसके अलावा कम्पनी का इसलिए भी विरोध किया जाता रहा है क्योंकि यह किसानों पर बौद्धिक सम्पदा अधिकारों (intellectual property rights) को थोंपने में अन्य बीज कम्पनियों के मुकाबले अधिक मुखर रही है।

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4) 8 जून 2018 को केन्द्र सरकार ने गैर-निष्पादित परिसम्पत्तियों (non-performing assets - NPAs) की समस्या को हल करने के लिए एसेट रिकॉन्स्ट्रक्शन कम्पनियों (Asset Reconstruction Companies - ARCs) के गठन के उपाय के अध्ययन के लिए एक बैंकिंग समिति का गठन किया। सार्वजनिक क्षेत्र के तमाम बैंकों के बुरी तरह से घाटे की चपेट में आने की पृष्ठभूमि में गठित इस समिति की अध्यक्षता किसे सौंपी गई है? - सुनिल मेहता (पंजाब नेशनल बैंक)

विस्तार: पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के गैर-कार्यकारी अध्यक्ष (non-executive Chairman) सुनिल मेहता (Sunil Mehta) को उस बैंकिंग समिति का अध्यक्ष बनाया गया है जिसका गठन केन्द्र सरकार द्वारा गैर-निष्पादित परिसम्पत्तियों (NPAs) की समस्या को हल करने के लिए एसेट रिकॉन्स्ट्रक्शन कम्पनियों (ARCs) के गठन के उपाय के अध्ययन के उद्देश्य से 8 जून 2018 को किया। यह समिति 2 सप्ताह में अपनी सिफारिशें सौंपेगी।

- सार्वजनिक क्षेत्र के तमाम बैंकों के बुरी तरह से घाटे की चपेट में आने तथा ऋण प्रदान करने में बैंकों के रवैये में रूढ़िवाद आने की पृष्ठभूमि में इस समिति का गठन किया गया है। यह समिति यह अध्ययन करेगी कि ARCs का गठन बैंकिंग प्रणाली के लिए लाभकारी होगा अथवा नहीं और इनकी गठन किस प्रकार किया जाना चाहिए।

- उल्लेखनीय है कि एसेट रिकॉन्स्ट्रक्शन कम्पनियों अथवा एसेट मैनेजमेण्ट कम्पनियों (asset management companies - AMCs) को समस्याग्रस्त परिसम्पत्तियों की समस्या को हल करने का एक कार्यकुशल तरीका माना जाता है।

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5) केन्द्र सरकार द्वारा तैयार किए गए अपने तरह के पहले राष्ट्रीय आपदा जोखिम सूचकांक (national disaster risk index), जिसके द्वारा देश भर के 640 जिलों की जोखिम झेलने की क्षमता का आकलन किया गया है, में सबसे जोखिम वाले राज्य के रूप में सबसे ऊपर किस राज्य को रखा गया है? - महाराष्ट्र (Maharashtra)

विस्तार: केन्द्र सरकार द्वारा 9 जून 2018 को जारी अपने तरह के पहले राष्ट्रीय आपदा जोखिम सूचकांक (National Disaster Risk Index) में सबसे ऊपर महाराष्ट्र (Maharashtra) को रखा गया है जबकि इसके बाद क्रमश: पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और दिल्ली को स्थान दिया गया है। केन्द्र शासित प्रदेशों में दिल्ली सबसे आगे है।

- इस सूचकांक की खास बात है कि इसमें राज्यों की जनसंख्या, कृषि क्षेत्र के आकार, पालतू पशुओं की संख्या, जोखिमों को झेलने की तैयारी और पर्यावरण जोखिम जैसे कारकों का मूल्यांकन कर राज्यों को रैंकिंग प्रदान की गई है। सर्वोच्च पाँच राज्यों के बाद क्रमश: राजस्थान, कर्नाटक, असम, आन्ध्र प्रदेश, गुजरात और बिहार को रखा गया है जबकि प्राकृतिक आपदाओं जैसे चक्रवात, भूकंप और भूस्खलन की मार अधिक झेलने वाले राज्यों जैसे आन्ध्र प्रदेश तथा उत्तराखण्ड व हिमाचल प्रदेश जैसे पर्वतीय राज्यों को अपेक्षाकृत नीचे रखा गया है।

- उल्लेखनीय है कि इस आपदा जोखिम सूचकांक को अभी सिर्फ एक मसौदा रिपोर्ट (Draft Report) के रूप में जारी किया गया है तथा इसे केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (United Nations Development Programme - UNDP) के सहयोग से तैयार किया गया है।

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