10-11 अप्रैल 2018 करेण्ट अफेयर्स

सबसे शक्तिशाली रेल इंजन । सबसे व्यस्त हवाईअड्डे। चम्पारण । नाबार्ड ।

Posted on Apr 11, 2018 07:52 IST in Current Affairs.

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1) भारत में विकसित अब तक के सबसे शक्तिशाली 12,000 हॉर्सपॉवर के विद्युत रेल इंजन (12,000 HP electric rail engine) को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 10 अप्रैल 2018 को लाँच किया। अपने तरह के देश के इस पहले इंजन का निर्माण किस संयंत्र में किया गया है? - मधेपुरा रेल इंजन संयंत्र (बिहार)

विस्तार: भारत के पहले 12,000 हॉर्सपॉवर के विद्युत रेल इंजन का विकास बिहार (Bihar) के मधेपुरा रेल इंजन संयंत्र (Madhepura Locomotive Factory) में किया गया है। यह केन्द्र सरकार के मेक-इन-इण्डिया (Make-in-India) मिशन के तहत फ्रांस (France) की कम्पनी एल्स्टॉम (Alstom) द्वारा क्रियान्वित एक महत्वपूर्ण परियोजना है। इस रेल इंजन में 6,000 हॉर्सपॉवर के दो सेक्शन लगाए गए हैं।

- इस शक्तिशाली इंजन की गति 120 किमी प्रति घण्टा है तथा अधिक गति के चलते यह भारतीय रेल की पटरियों पर गाड़ियों की भीड़ को कम करने में भूमिका निभायेगा। इस इंजन का इस्तेमाल मुख्यत: कोयला (coal) और लौह अयस्क (iron ore) जैसे भारी उत्पादों को ढोने में किया जायेगा।

- यह इंजन एक तरफ भारतीय रेल के परिचालन खर्च को कम करने में भी भूमिका निभायेगा तो दूसरी ओर यह कार्बन उत्सर्जन को कम करने में भी मदद करेगा। इस इंजन के भारत में विकास होने के कारण भारत अब रूस, चीन, स्वीडन, फ्रांस और जर्मनी जैसे देशों की फेहरिस्त में शामिल हो गया है जो 12,000 अथवा इससे अधिक हॉर्सपॉवर के इंजनों का विकास कर पाए हैं।

- उल्लेखनीय है कि मेक-इन-इण्डिया प्रयास के तहत मधेपुरा संयंत्र में अगले वित्तीय वर्ष 2019-20 में 35 और वर्ष 2020-21 में कुल 60 ऐसे इंजनों का विकास किया जायेगा।

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2) एयरपोर्ट्स काउंसिल इंटरनेशनल (ACI) द्वारा 9 अप्रैल 2018 को जारी दुनिया के 20 सबसे व्यस्त हवाईअड्डों की वर्ष 2018 की सूची में शामिल होकर भारत के किस अंतराष्ट्रीय हवाई अड्डे ने इस प्रतिष्ठित सूची में शामिल किए जाने वाले अब तक के पहले भारतीय हवाई अड्डे का गौरव हासिल किया? - इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई-अड्डा (Indira Gandhi International Airport)

विस्तार: नई दिल्ली (New Delhi) स्थित इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई-अड्डा (Indira Gandhi International Airport) भारत का पहला हवाई अड्डा बन गया है जिसे एयरपोर्ट्स काउंसिल इंटरनेशनल (Airports Council International - ACI) की विश्व के 20 सबसे व्यस्त हवाई अड्डों की सूची (List of World’s 20 Busiest Airports) में शामिल किया गया। 9 अप्रैल 2018 को जारी इस रिपोर्ट में इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई-अड्डे को 16वें स्थान पर रखते हुए बताया गया है कि वर्ष 2017 में इस हवाई अड्डे का इस्तेमाल 6.34 करोड़ (63.4 million) यात्रियों द्वारा किया गया। दिल्ली स्थित यह हवाई अड्डा इस सूची में शामिल 20 हवाई अड्डों में सबसे तेजी से वृद्धि दर्ज करने वाला हवाई अड्डा रहा तथा इस वर्ष इसने यात्रियों की संख्या में सर्वाधिक 14.1% की वृद्धि दर्ज की गई।

- हालांकि अमेरिका (US) के एटलांटा (Atlanta) स्थित हार्ट्सफील्ड-जैक्सन हवाई अड्डे (Hartsfield-Jackson International Airport) ने इस सूची में एक बार फिर पहला स्थान प्राप्त किया है लेकिन यही इस सूची का एकमात्र ऐसा हवाई अड्डा था जिसकी यात्री संख्या में वर्ष 2017 के दौरान कमी आई। इसके बाद क्रमश: बीजिंग (Beijing) और दुबई (Dubai) का स्थान रहा।

- वहीं अमेरिका का एक और प्रमुख हवाई अड्डा न्यूयॉर्क स्थित जॉन एफ. कैनेडी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा (John F. Kennedy (JFK) International Airport) पहली बार इस सूची से बाहर हो गया। इसका मुख्य कारण एशियाई हवाई अड्डों का लगातार बेहतर प्रदर्शन है।

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3) चम्पारण सत्याग्रह के शताब्दी समारोहों के समापन कार्यक्रम का आयोजन 10 अप्रैल 2018 को बिहार के मोतीहारी (Motihari) में किया गया जिसमें प्रधानमंत्री ने महात्मा गाँधी के नेतृत्व में चले इस सत्याग्रह के लिए समस्त राष्ट्र की ओर से कृतज्ञता व्यक्त की। इस समापन समारोह का थीम क्या चुना गया था? - "सत्याग्रह से स्वच्छाग्रह" ("Satyagrah se Swachhagrah")

विस्तार: "सत्याग्रह से स्वच्छाग्रह" ("Satyagrah se Swachhagrah") - यह बिहार के मोतीहारी में 10 अप्रैल 2018 को आयोजित चम्पारण सत्याग्रह (Champaran Satyagrah) के शताब्दी समारोहों (centenary celebrations) के समापन कार्यक्रम का ध्येय वाक्य रहा जिसकी अध्यक्षता प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने की। उन्होंने कृतज्ञ राष्ट्र की तरफ से इस आंदोलन के नायक महात्मा गांधी का नमन किया। इस आंदोलन की प्रमुख विशेषता यह रही कि स्वच्छता को इस आंदोलन की धुरी के तौर पर चुना गया तथा प्रधानमंत्री ने इस आयोजन में शामिल हुए लगभग 20 हजार "स्वच्छाग्रहियों" (स्वच्छता राजदूतों) को सम्बोधित किया।

- "स्वच्छाग्रही" वे "पैदल सेनानी" हैं जिन्हें ग्राम स्तर पर स्वच्छता का महत्व जन-जन को समझाने तथा स्वच्छता को जन आंदोलन बनाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

- उल्लेखनीय है कि महात्मा गांधी ने "चम्पारण सत्याग्रह" का प्रारंभ उत्तरी बिहार के चम्पारण में 10 अप्रैल 1917 से ब्रिटिश के खिलाफ किया था जिसने यहाँ के किसानों को जबरन नील (Indigo) की खेती करने की बाध्यता लागू कर उनके अधिकारों को छीन लिया था। इस आंदोलन की सफलता ने गाँधी के साथ ही पूरे देश को ब्रिटिशों के खिलाफ एक-जुट होने के लिए प्रेरित किया था।

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4) राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड - NABARD) द्वारा क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों (RRBs) के लिए तैयार उस सुधारात्मक प्रणाली (Corrective Framework) को क्या नाम दिया गया है जिसके माध्यम से तमाम वित्तीय मापदण्डों पर खरा न उतरने वाले बैंकों को पटरी पर लाने की कोशिश की जायेगी? - प्रॉम्प्ट करेक्टिव एक्शन फ्रेमवर्क (‘Prompt Corrective Action (PCA) Framework’)

विस्तार: प्रॉम्प्ट करेक्टिव एक्शन फ्रेमवर्क (‘Prompt Corrective Action (PCA) Framework’) उस सुधारात्मक प्रणाली को दिया गया नाम है जिसे नाबार्ड – NABARD (National Bank of Agriculture and Rural Development) द्वारा क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों (Regional Rural Banks - RRBs) के प्रदर्शन को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों के प्रमुख वित्तीय मापदण्डों पर खरा न उतरने की स्थिति में उन्हें सुधार की दिशा में लाना है। कुछ प्रमुख वित्तीय मापदण्ड जिनको बैंक पूरा नहीं कर पाते हैं, है- पूँजी पर्याप्तता (capital adequacy) मापदण्ड, शुद्ध गैर-निष्पादित परिसम्पत्तियाँ (net non-performing assets - NNPAs) तथा परिसम्पत्तियों पर होने वाली प्राप्तियाँ (return on assets - ROA), आदि।

- नाबार्ड द्वारा प्रॉम्प्ट करेक्टिव एक्शन फ्रेमवर्क को तब लागू किया जायेगा जब क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक तीन मापदण्डों - capital to risk-weighted assets (CRAR) ratio, assets (NPAs) तथा profitability (ROA) पर खरा नहीं उतरते हैं। खास बात यह है कि इस फ्रेमवर्क को नाबार्ड की निरीक्षण प्रणाली पर बैंकों के 2019 वित्तीय वर्ष के प्रदर्शन के बाद लागू किया जायेगा।

- उल्लेखनीय है कि प्रॉम्प्ट करेक्टिव एक्शन फ्रेमवर्क इसी नाम से लाए गए भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के फ्रेमवर्क जैसा ही है जिसे एक वर्ष पूर्व देश के वाणिज्यिक बैंकों के लिए लाया गया था।

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